International Translation Day: अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस क्यों मनाया जाता है, इतिहास, थीम की जानकारी

International Translation Day Hindi: हर साल 30 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस के रूप में मनाया जाता है लेकिन क्या आप जानते है कि अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस क्यों मनाया जाता है?, अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस का इतिहास क्या है और इसकी थीम के बारे में। इस लेख में हमने इसी के बारे में बताया है।

हर दिन कोई न कोई दिवस होता है। इस कारण बहुत से लोग इस बात से अनजान हैं कि 30 सितंबर अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस है।

यह दिन दुनियाभर के उन लोगों जो अनुवादक और भाषा क्षेत्र में काम करते है, के लिए बड़ी ख़ुशी का दिन होता है। आइये जानते है इसी अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस (world translation day) के बारे में।

अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस का इतिहास (International Translation Day History in Hindi)

International Translation Day in Hindi

1953 में शुरू किया गया अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस विश्व कैलेंडर में हाल ही में सम्मिलित हुआ है। इसे प्रत्येक वर्ष 30 सितंबर को मनाया जाना है क्योंकि यह अनुवाद संत सेंट जेरोम का पर्व है जिन्हें अनुवादकों के संरक्षक संत के रूप में जाना जाता है। सेंट जेरोम (342-420 AD) को लैटिन भाषा में बाइबिल के अनुवाद के लिए पहचाना जाता है।

Fédération Internationale des Traducteurs (FIT, द इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ़ ट्रांसलेटर्स) ने 1953 में अपनी स्थापना से अनुवाद दिवस को सेंट जेरोम के सम्मान व भाषाविदों के अपने समुदाय और अनुवाद के पेशे का समर्थन करने के तरीके के रूप में मनाया।

हालाँकि 1991 तक इसे धार्मिक तौर पर मनाया जाता था क्योंकि सेंट जेरोम बाइबल के अनुवादक थे लेकिन बाद में 1991 में FIT ने इसे अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस का नाम दिया।

आधिकारिक तौर पर अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मई, 2017 में प्रस्ताव 71/288 को पारित करके स्थापित किया था और 30 सितंबर के दिन को अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की।

अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस क्यों मनाया जाता है

जैसा कि आप ऊपर का आर्टिकल पढ़ यह जान चुके है कि अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस 30 सितम्बर को सेंट जीरोम की पुण्य तिथि के अवसर पर मनाया जाता है। विदित हो सेट जेरोम ने हिब्रू बाइबिल का अध्ययन कर इसका लैटिन में अनुवाद किया था।

अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस इसलिए मनाया जाता है ताकि दुभाषियों, भाषांतरकारों, अनुवादकों, भाषा एवं अनुवाद के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं और टर्मिनोलोजिस्टों को पहचान प्रदान हो और इन्हें अंतराष्ट्रीय स्तर पर महत्व दिया जा सके।

इसके महत्व को इस प्रकार समझा जा सकता है कि यह दिवस देशों को निकट लाने, वार्तालाप में सहायता करने तथा सहयोग के लिए अनुवाद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका सीधा प्रभाव विश्व शांति तथा विकास पर पड़ता है अत: अनुवादकों और भाषाविद्कों का सम्मान होना जरूरी है। इन्हीं के लिए यह दिन मनाया जाता है।

साथ ही यह दिन उन लोगों को सम्मानित करने का होता है जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति में संवाद में भाषा विशेषज्ञ के रूप में कार्य करके विकास तथा वैश्विक शान्ति को बढ़ावा दिया है, बड़े बड़े ग्रंथों, विज्ञान पत्रिकाओं को एक भाषा से दूसरी भाषा में शुद्ध व सटीक अनुवादित किया है।

International Translation Day 2019

हर साल की तरह 2019 में भी अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस 30 सितम्बर को है।

अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस की थीम 2019

हर अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस को एक थीम के आधार पर मनाया जाता है। इस साल 2019 में world translation day की थीम ‘अनुवाद और स्वदेशी भाषाएँ (indigenous languages and their translation)’ है।

अगर आप यह अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस 2019 को मना रहे है तो आपको देशी भाषाओं के अनुवाद की चुनौतियों और लाभों के साथ कुछ करने का सुझाव देना चाहिए।

ट्रांसलेशन के बारे में रोचक तथ्य

  • हिस्ट्री का पहला अनुवाद ‛द एपिक ऑफ गिलगमेश’ था. द एपिक ऑफ गिलगमेश मानव प्रयास से सबसे पुराना जीवित साहित्यिक कार्य है। लेखकों ने एक प्राचीन क्यूनिफॉर्म लेखन प्रणाली का उपयोग करते हुए सुमेरियन में लिखा था।
  • अनुवाद आज एक लगभग $ 40 बिलियन का उद्योग है। इसमें अनुमानित 300,000 पेशेवर अनुवादक दुनियाभर में काम करते हैं।
  • दुनिया की सबसे ज्यादा अनुवादित की गई किताब बाइबल है.
  • 2009 में ब्रिटेन की एक राष्ट्रीय बैंक को ट्रांसलेशन में एक गलती के कारण लगभग 10 मिलियन का नुकसान उठाना पड़ा था।
  • दुनिया में पांच ऐसी ज्ञात भाषाएं हैं जिन्हें दुनिया भर में बोलने वाले सिर्फ 5 लोग हैं।

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