राम मनोहर लोहिया के विचार, Quotes हिंदी में (Ram Manohar Lohiya Par Shayari)

राम मनोहर लोहिया के नाम को भारत में एक बेहतरीन समाजवादी के रूप में जाना जाता है। 12 अक्टूबर को लोहिया का स्मृति दिवस है। इस उपलक्ष में इस लेख में हमने बताए हैं राम मनोहर लोहिया के अनमोल विचार, Ram Manohar Lohiya Quotes In Hindi

राम मनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को हुआ था। लोहिया 23 मार्च को अपना जन्मदिन नहीं मनाते थे क्योंकि 23 मार्च भगत सिंह की याद में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। लोहिया की मृत्यु 12 अक्टूबर 1967 को हुई थी।

लोहिया ने भारत के स्वतंत्रता संग्रामों में भी हिस्सा लिया था। उनके विचारों में एक अलग ही प्रखरता थी। आज बहुत सारी राजनीतिक पार्टियां लोहिया के विचारों का अनुसरण करती है और उनके नाम पर चुनाव भी लड़ती है।

लोहिया को समाजवादी, राष्ट्रवादी और हिंदीभाषी प्रेमी के नाम पर जाना जाता है। वह हिंदी में ही बात करते थे क्योंकि हिंदी जनसाधारण की भाषा थी लेकिन उन्हें हिंदी के अलावा अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन और बंगाली भाषाएं भी बहुत अच्छे से बोलनी आती थी।

राम मनोहर लोहिया की कही गई बातों और उनके विचारों को प्रेरणादायक और समाज प्रवर्तक माना जाता है। चलिए इन्हीं के बारे में जानते हैं…

राम मनोहर लोहिया के विचार – Quotes of Ram Manohar Lohiya in Hindi

#1. हमें अपना काम करते रहना चाहिए, वहां भी जहां इसकी कद्र ना हो।

#2. भारतीय राजनीति में अच्छाई और सफाई तब आएगी, जब अपनी ही पार्टी के लोग अपनी ही पार्टी की बुराइयों की आलोचना करेंगे।

#3. जिंदा कौमें किसी बदलाव के लिए 5 साल तक इंतजार नहीं किया करती।

राम मनोहर लोहिया के अनमोल विचार

#4. जब भूख और जुल्म दोनों बढ़ जाते हैं तो चुनाव से पहले भी सरकारें बदली जा सकती है।

#5. इच्छाएं अक्सर मूर्खतापूर्ण हुआ करती है।

#6. क्रांति टुकड़ों में नहीं हो सकती।

#7. समाजवाद दरिद्रता का बँटवारा नही बल्कि समृद्धि का आपसी वितरण है।

#8. भारत में असमानता सिर्फ आर्थिक नहीं है। इसका बहुत प्रभाव सामाजिक भी है।

#9. त्याग हमेसा जीवन को शांति और संतोष देने वाला होता है।

#10. ज्ञान और दर्शन से सारा काम नहीं होता। ज्ञान और आदत दोनों को ही सुधारने से मनुष्य सुधरता है।

राम मनोहर लोहिया के सामाजिक विचार

#11. भारत बंदूक की गोली और अंग्रेजी बोली के नीचे अंग्रेजों के सामने गुलाम रहा।

#12. लाखों की चोरी करके भी उसे आदर्शवाद का अमलीजामा पहनाया जा सकता है जबकि अठन्नी चवन्नी की चोरी को भी पकड़ा जाता है।

#13. नारी को गठरी के सम्मान नहीं बनना है परंतु नारी इतनी शक्तिशाली होनी चाहिए कि वक्त आने पर पुरुष को गठरी बनाकर अपने साथ ले चले।

#14. देश में तीन प्रकार के गांधीवादी है: सरकारी गांधीवादी, मट्ठी गांधीवादी और कुजात गांधीवादी।

#15. एक स्त्री और पुरुष के मध्य बलात्कार और वादाखिलाफी के अलावा सारे रिश्ते मान्य होते हैं।

#16. सड़के सुनसान हो गई तो संसद आवारा हो जाएगी।

#17. भारत में कौन राज करेगा, यह तीन चीजों से तय होता है; उंची जाति, धन और ज्ञान। जिनके पास इनमें से कोई दो चीजें हैं, वो शासन कर सकता है।

#18. महिलाओं को अपना आदर्श सीता को नहीं बल्कि द्रौपदी को मानना चाहिए जो अपने हक की आवाज उठा सकें।

#19. आर्थिक उद्देश्य में पूंजीवाद बड़े पैमाने पर उत्पादन, कम लागत और मालिकों को लाभ पहुंचाना चाहता है।

#20. लोगों के छोटे समूहों को शक्ति देकर, प्रथम श्रेणी का लोकतंत्र संभव है।

#21. अंग्रेजी का प्रयोग मौलिक सोच में अवरोध है, हीनता की भावनाओं का बढ़ाता है और शिक्षित एवं अशिक्षित जनता के बीच की दूरी का कारण है। आइए हिंदी को अपनाएं और इसकी असल प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करें।

राम मनोहर लोहिया पर शायरी

#1. हज़ार बर्फ गिरे लाख आँधियाँ उट्ठें, वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं।

#2. जो तूफ़ानों में पलते जा रहे हैं,
वही दुनिया बदलते जा रहे हैं।

#3. यह ऐसी है, वह कैसी है।
ऐसा कहने वालों ने क्या कभी अपने अंदर झांककर देखा है कि उनकी सोच कैसी है।।

#4. अशिक्षित को शिक्षा दो, अज्ञानी को ज्ञान।
शिक्षा से ही बन सकता हैं, मेरा भारत देश महान।।

राम मनोहर लोहिया का स्मृति दिवस 2019

12 अक्टूबर 1967 को राम मनोहर लोहिया की मृत्यु हुई थी। उनकी याद में हर साल 12 अक्टूबर को राम मनोहर लोहिया का स्मृति दिवस मनाया जाता है।

इस साल 12 अक्टूबर 2019 को राम मनोहर लोहिया का 53 वांं स्मृति दिवस है।


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