Nehru Trophy Boat Race क्या है? इतिहास, आयोजन की पूरी जानकारी हिंदी में

नेहरू ट्रॉफी बॉट रेस केरल में हर साल आयोजित होती है लेकिन इसके बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी है। इस लेख में हमने डिटेल से बताया है कि Nehru Trophy Boat Race Kya Hai, नेहरू ट्रॉफी बॉट रेस का इतिहास, नेहरू ट्रॉफी बॉट रेस कब आयोजित होती है? के बारे में।

Nehru Trophy Boat Race क्या है, what is nehru troffy boat race in Hindi, nehru trophy boat race history in hindi

जलीय क्षेत्र से घिरा होने के कारण boat races भारतीय स्टेट केरल की संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

नेहरू ट्रॉफी बोट रेस भारत में आयोजित सबसे बेहतरीन नौका दौड़ है।

Nehru Trophy Boat Race क्या है – Introduction in Hindi

नेहरू ट्रॉफी बोट रेस हर साल अगस्त के दूसरे शनिवार को केरल में अलप्पुझा के पास पुन्नमदा झील (Punnamda Lake) पर आयोजित की जाती है।

यह भारत में होने वाली नौकाओं की सबसे बेहतरीन दौड़ है और आम दिनों में शांत दिखने वाली पुन्नमदा झील नौका रेस के दिन युद्व का मैदान बन जाती है।

इस रेस की दुरी लगभग 1400 मीटर होती है और प्रतिभागियों के अलग-अलग ट्रैक होते है।

नाव में कुछ लोग नगाडों के तालमेल के साथ पतवार (चप्पु) चलाते हैं जबकि कई लोग बीच में खड़े रहकर प्रयाण गीत गाकर इनका जोश बढ़ाते है।

तेज़ गती से आगे बढ़ती इन नावों को देखने पर ऐसा लगता है जैसे अनेकों नाग एक साथ त्वरित वेग में रेंग रहे है।

प्रमुख आकर्षण :

  • बोट रेस का प्रमुख आकर्षण साँप नौका चुंडन वल्लम यानि सर्प नौकाओं की प्रतियोगिता है जो 100 फुट लम्बी तथा नुकीले अग्रभाग वाली होती है।
  • हर सर्प नौका में 101 सदस्य होते है जिसमें मल्लाह, चीयर लीडर्स सम्मिलित होते है।
  • सर्प नौकाओं के अलावा चुरुलन, वेप्पू, ओडी नौकाएं रेस में भाग लेती है।
  • नावों पर पतवार एक मिनट में लगभग 100-120 बार चलती है।
  • रेस की शुरुआत एक ड्रम बीट से होती है।

नेहरू ट्रॉफी बोट रेस का इतिहास (History of NEHRU TROPHY BOAT RACE In Hindi)

इस रेस का इतिहास पं. जवाहरलाल नेहरू से जुड़ा है।

सन्1952 में नेहरू ने केरल में कोट्टयम से अलप्पुझा तक की यात्रा बोट के सफर द्वारा की थी। इसी दौरान अचानक चुण्डनवल्लों की पहली प्रतियोगिता नेहरू के आगमन के सम्मानार्थ आयोजित की गयी थी जिसमें अनेक नावों ने भाग लिया था। इसमें ‘नडुभागम् चुण्डन’ ने पहला स्थान प्राप्त किया था।

नेहरू ने इससे प्रभावित होकर इस बॉट की यात्रा की और विजेता को सम्मानित करने के लिए एक रोलिंग ट्रॉफी प्रदान की।

तब से यह रेस हर साल आयोजित होती है और लाखों की संख्या में पर्यटकों का आकर्षण केंद्र बनी हुई है।

पहले इसे प्राइम मिनिस्टर ट्रॉफी कहा जाता था लेकिन 1969 में नाम बदलकर ‘नेहरू ट्रॉफी’ कर दिया और प्रतियोगिता का नाम ‘नेहरू ट्रॉफी बोट रेस (NTBR)’ हो गया।

Karichal Chundan नामक सर्प नौका सबसे ज्यादा 15 बार इस रेस को जीत चुकी है।


नेहरू ट्रॉफी बोट रेस कब आयोजित होती है

प्रत्येक वर्ष अगस्त के दूसरे शनिवार को।

इस साल (2019 में) यह रेस 10 अगस्त को है।

नेहरू ट्रॉफी बोट रेस की टिकट ऑनलाइन बुक करने के लिए bookmyshow या इनकी ऑफिसियल साइट पर विजिट करें और जानकारी पाएं।

यह बोट रेस देखने की टिकट प्राइस ₹100 से लेकर ₹3000 तक है।

गूगल मैप पर आयोजन स्थल को देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

नेहरू ट्रॉफी बोट रेस की ऑफिसियल साइट

👉 nehrutrophy.nic.in

इस वेबसाइट के अलावा बोट रेस के दौरान रीजनल टीवी चैनल्स पर लाइव प्रसारण किया जाता है।


I Hope आप लोगों को यह नेहरू ट्रॉफी बोट रेस की जानकारी पसंद आयी होगी। इसे अपने सोशल मीडिया हैंडल पर जरूर शेयर करें ताकि और भी लोग इस Nehru Boat Race के बारे में जान सकें।

इन्हें भी देखें:

Leave a Reply

Close Menu