मदर्स डे (मातृ दिवस) क्यों मनाया जाता है? Mother’s Day History In Hindi

क्यों मनाया जाता है मदर्स डे – History Of Mother’s Day In Hindi

माँ, एक ऐसा शब्द जिसमें बच्चों की पूरी दुनिया समा जाती है। इस धरती पर जिसने भी जन्म लिया है, वो ‘माँ’ के महत्व को भलीभांंति जानता है क्योंकि मां और बच्चे का रिश्ता बेहद खास होता है।

माँ के महत्व को समझते हुए दुनियाभर के कई देशों में मातृ दिवस (मदर्स डे) मनाया जाता है। इस दिन को सेलिब्रेट करने का मकसद है कि समाज में मांं को बढ़ावा मिले। हालांकि मां की ममता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता इसलिए इस दिन को मां के सम्मान तथा आदर के रूप में मनाया जाना बेहतर है।

यह तो आप जानते होंगे कि अंग्रेजी वर्ष के मई माह के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। हालांकि कई देशों में इससे अलग तिथि भी है लेकिन क्या आप जानते हैं कि मातृ दिवस का इतिहास क्या है और यह मदर्स डे कब से मनाया जाता है? अगर नहीं तो आप सही जगह पर है और आप यहां पूरी डिटेल से जानेंगे मदर्स डे के इतिहास की जानकारी।

मातृ दिवस (मदर्स डे) का इतिहास (Mother’s Day History In Hindi)

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1. मदर्स डे का ग्रीस से सम्बंध

पुराने समय में ग्रीस के लोग मां को सम्मान देने के लिए पूजा करते थे यानि ग्रीस में मां की पूजा का रिवाज था क्योंकि स्याबले ग्रीक देवताओं की मां थी जिससे लोग मां के सम्मान हेतु एक स्पेशल दिन को मां की पूजा करते थे।

कहा जाता है कि इसी दिन को कालांतर में मातृ दिवस के रूप में मनाये जाना लगा।

2. आधुनिक मदर्स डे (मातृ दिवस) का इतिहास

मॉडर्न मदर्स डे की शुरुआत अमेरिकन एक्टिविस्ट एना जार्विस के द्वारा की गई थी।

एना जार्विस का अपनी मां के साथ खास रिश्ता था। एना का मानना था कि एक मां अपने बच्चे के लिए जो करती है, वह इस दुनिया में कोई और नहीं कर सकता। एना ने न कभी शादी की और न ही उनका कोई बच्चा था।

जब एना की मां की मृत्यु हुई तो उन्होंने मां के प्रति प्यार व सम्मान के लिए एक स्पेशल दिन को मनाने के बारे में अभियान शुरू किया। उसने 1908 में वर्जीनिया की एक चर्च में अपनी मां की एक सभा को आयोजित किया और उसमें मदर्स डे का प्रस्ताव रखा।

एना ने अपने इस अभियान में कई उतार-चढ़ाव देखे लेकिन आखिरकार 8 मई 1914 को अमेरिकी राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन ने मई माह के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाने की आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी। हालांकि इससे पहले स्थानीय स्तर पर मदर्स डे मनाने की शुरुआत हो चुकी थी।

इस प्रकार एना जार्विस के प्रयासों से मदर्स डे वर्ल्डवाइड प्रसिद्ध होने लगा और आज इसे 46+ देशों में मनाया जाता है।

भारत में मदर्स डे (मातृ दिवस)

भारत में मातृ दिवस पिछले दो तीन दशकों में काफी पॉपुलर हुआ है और आजकल लगभग हर जगह चाहे वो छोटे शहर हो या बड़े, इसके बारे में सुनने को मिलता है।

भारत में मदर्स डे के प्रचलित होने का कारण मुख्य कारण सोशल नेटवर्किंग साइट्स है क्योंकि सोशल मीडिया से ही लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानने को मिला है। वैसे भारत जैसे धार्मिक देश में मां को हमेशा से सम्मान दिया जाता रहा है और यहां हर दिन मातृ दिवस के सम्मान है।

मदर्स डे क्यों मनाया जाता है?

आधुनिक मदर्स डे के मनाने की शुरुआत एना जार्विस के प्रयासों से शुरू हुई जो आज विश्वभर में काफी लोकप्रिय हो चुका है।

वैसे मां के सम्मान के लिए कोई दिन तय नहीं किया जा सकता लेकिन जिस तरह हर वर्ष में अन्य डे या दिवस मनाये जाते है उसी तरह मां के लिए भी यह एक दिन मनाया जाता है।

मदर्स डे को मनाने का कारण है कि मां की ममता तथा उसके प्यार के प्रति बच्चों का स्नेह बना रहे। बच्चे अपनी मां के महत्व को समझें और उनकी केयर करें जिस प्रकार छोटे होने पर मां उनकी देखभाल करती थी।

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