गणित को कैसे पढ़ें और आसानी से समझें

क्या आप सोचते हैं कि गणित सीखने का सरल तरीका क्या है और गणित के सवाल हल करने के तरीके कौनसे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए है जिसमें हमने विस्तारपूर्वक बताया है कि आप गणित को कैसे पढ़ें और बेहतर तरीके से समझें? How to learn maths in hindi?

गणित एक ऐसा subject है जिसे हर विद्यार्थी को पढ़ना पड़ता है। कुछ विद्यार्थी इसे पढ़ना पसंद करते हैं जबकि अधिकतर विद्यार्थियों को maths से नफरत होती हैं। अगर कोई student इसे पढ़ने की चाहत बना लें तो गणित पढ़ना उसके लिए बहुत आसान भी हो जाता है।

भले ही कई विद्यार्थी गणित को पढ़ना पसंद ना करें लेकिन हर स्कूल, कॉलेज और और प्रोफेशन प्रोफेशन स्कूल, कॉलेज और और प्रोफेशन लेकिन हर स्कूल, कॉलेज और और प्रोफेशन प्रोफेशन में daily basis पर कहीं ना कहीं गणित जरूर उपयोग होती है। ऐसे में गणित का अध्ययन करने के लिए यह जानना जरूरी है कि गणित को कैसे सीखें और समझें जिससे studies में अच्छा परिणाम मिले।

अगर आपका maths को पढ़ने के लिए एक बार इंटरेस्ट जाग जाता है तो यह एक ऐसा विषय है जिसे आप कई घंटे तक लगातार बिना बोर हुए पढ़ सकते हैं। यदि आप इस पोस्ट में बताए गए मैथ्स पढ़ने के तरीके फॉलो करते हैं तो इस बात की गारंटी है कि आपका mathematics पढ़ने का confidence एक अलग लेवल का होगा और बहुत जल्द अपनी maths skills में सुधार पायेंगे।

गणित कैसे पढ़ें – How to Study Maths in Hindi, Maths Kaise Sikhe

गणित कैसे पढ़ें, How to Study Maths in Hindi

1. ज्यादा से ज्यादा Practice करें

अगर आपको लगता है कि मैं एक या दो दिन में maths सीख जाऊंगा तो आप गलत है क्योंकि गणित को सिर्फ सुनकर और पढ़कर नहीं पढ़ा जा सकता। इसके लिए आपको ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करना होगा।

गणित को पढ़ने और सीखने का सीधा-सा फंडा है कि सबसे पहले आपको कांसेप्ट को समझना होगा और लगातार प्रैक्टिस करनी होगी।

आप जितनी ज्यादा प्रैक्टिस करेंगे, उतनी ही subject पर पकड़ मजबूत होती जाएगी और concepts sharp & clear होते जायेंगे।

2. Maths Dictionary बनायें

मैथ्स डिक्शनरी से आशय है ‛maths formulas & terminology की किताब।’ वैसे तो बाजार में कई प्रकार की अलग-अलग कक्षाओं के हिसाब से फॉर्मूला बुक्स उपलब्ध है लेकिन हम आपको सलाह देंगे कि आप अपने लिए खुद की फार्मूला बुक यानि मैथ डिक्शनरी बनाएं।

इस maths dictionary को हमेशा अपनी study table के पास रखें ताकि जब भी आपको जरूरत पड़े उसे देख सकें और खाली समय होने पर formulas को revise कर सकें।

3. Basic to Advanced Topics कवर करें

यह बहुत जरूरी चीज है क्योंकि गणित के अधिकतर चैप्टर्स पिछली कक्षाओं के चैप्टर्स पर आधारित देते हैं या उनकी अगली कड़ी होते हैं। उदाहरण के तौर पर कहें तो अगर आप जेईई (JEE) की तैयारी कर रहे हैं तो कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 तक के हर टॉपिक पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए क्योंकि class 11 की trigonometry को ही आगे बढ़ाकर class 12 में दिया होता है।

इसलिए maths basics की पकड़ को ध्यान में रखते हुए ही मैथ्स पढ़ें। अगर आपके बेसिक्स अच्छे नहीं है तो basics को जानने और समझने के लिए पिछली कक्षाओं की कुछ सेक्टर को दोबारा पढ़ें।

4. खुद के नोट्स बनायें

खुद की नोट्स का होना जरूरी है। आइए इसे एक उदाहरण के द्वारा समझते हैं:

आप maths को help books के द्वारा पढ़ना पसंद करते हैं या class में teachers के द्वारा बताए गए तरीकों के अनुसार। obviously, इसका उत्तर class teacher होगा क्योंकि आपने कई बार इस बात को नोटिस किया होगा कि हेल्प बुक की बजाय क्लास टीचर के द्वारा किसी प्रश्न को सॉल्व करने का तरीका ज्यादा आसान होता है।

ऐसे में अगर आप प्रैक्टिस कर के खुद की नोट्स बनाते हैं तो इससे आपकी मैथ्स स्टडी आसान हो जाती है। आप help books को reference के रूप में ले सकते हैं लेकिन उसे ही फॉलो करें, यह जरूरी नहीं है।

5. Doubts के बारे में पूछते रहें

maths questions को solve करते समय doubts से सामना होना आम बात है लेकिन doubts को मन में दबाए रखना गलत है क्योंकि अगर आपके doubts क्लियर नहीं होते हैं तो स्टडी प्रभावित होती है।

जैसे ही आपके मन में कोई doubt आता है तो उसे दबाने के बजाय हेल्प बुक से सहायता लें या स्कूल, कोचिंग/कॉलेज में अपने टीचर से पूछ कर उसका समाधान करें। इसके अलावा आपको ग्रुप स्टडी से भी अपने डाउट्स को क्लियर कर सकते हैं।

एक बात हमेशा ध्यान रखें कि maths में doubts का clear होना आपको इस सब्जेक्ट का मास्टर बनाता है।

6. Actively Learning करें

इसका अर्थ है कि गणित को सीखने के लिए इसे लगातार पढ़ते रहें। actively learning को practice का दूसरा रूप कहा जा सकता है।

आपने कई बार इस बात को नोटिस किया होगा कि जब आप किसी concept/chapter को अच्छे से समझ लेते हैं तो लगता है कि आप एक कभी नहीं भूलेंगे लेकिन कुछ समय बाद देखते हैं तो आप उस concept को भूल जाते हैं इसलिए इससे बचने के लिए लगातार यानि active तरीक़े से सही समय पर concepts को revise करते रहें।

आप हिंदी, अंग्रेजी जैसे सब्जेक्ट को बिना actively learning के पढ़ सकते हैं लेकिन मैथ के साथ ऐसा नहीं है क्योंकि इसमें consistency बेहद जरुरी है।

7. Online Sources की सहायता लें

आज के समय में स्टूडेंट के पास यह सबसे बड़ा स्टडी करने का हथियार है।

अगर आपको किसी प्रश्न को हल करने में दिक्कत आती है या आप किसी टॉपिक को समझ नहीं पाते हैं तो आपके पास उसका समाधान पाने के लिए इंटरनेट पर कई ऑप्शन मौजूद है।

Online Sources के रूप में आपके पास सबसे पहला ऑप्शन है यूट्यूब का क्योंकि यूट्यूब पर लगभग हर क्लास और हर competitive एग्जाम से रिलेटेड videos उपलब्ध है जो आपको उसकी पूरी तैयारी करवाते हैं।

इसके अलावा आप maths को पढ़ने और सीखने के लिए toppr, unacademy और khan academy जैसी साइट्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

8. Keep Patience

मैथ्स के टॉपिक्स को सीखने तथा पढ़ने के लिए आपके पास धैर्य होना बहुत जरूरी है क्योंकि maths requires time & patient to master. मैथ्स टॉपर बनने के लिए Patience एक बड़ी चीज है।

आप जितना ज्यादा distractions से दूर रहते हुए खुद को गणित की स्टडी करने के लिए प्रेरित करेंगे और सही मायनों में धैर्य के साथ पढ़ेंगे तो मैथ्स को सीखना और पढ़ना कोई बड़ी बात नहीं है क्योंकि महान वैज्ञानिक आइंस्टाइन ने कहा है कि

जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं की, उसने कभी कुछ करने की कोशिश नहीं की।

मैथ्स को पढ़ने और अच्छे से सीखने के लिए बताई गई इन टिप्स को फॉलो करें और गणित को एक strong subject के रूप में उभरते हुए देखें।

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