Eco Friendly Diwali in Hindi – ग्रीन दिवाली

सामान्यत दीपावली के त्यौहार को पटाखों से जोड़कर देखा जाता है लेकिन आजकल हर तरफ इको फ्रेंडली दिवाली के बारे में बात होती है और लोग एक दूसरे को प्रोत्साहित करते हैं कि इको फ्रेंडली दिवाली मनायें। इस लेख में हम बात करेंगे कि इको फ्रेंडली दिवाली क्या है, इको फ्रेंडली दिवाली कैसे मनाते हैं? What is Eco friendly Diwali in Hindi

दीपावली रोशनी का त्यौहार है और यह कार्तिक मास की अमावस्या को ना सिर्फ पूरे भारत में बल्कि दुनियाभर के कई हिस्सों में उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाने वाला त्यौहार है।

दीपावली रोशनी संघ खुशियों का त्योहार है लेकिन इस दौरान लाखों की संख्या में पटाखे फोड़े जाते हैं जो ध्वनि तथा वायु प्रदूषण को फैलाते हैं यानि वातावरण को प्रदूषित करते हैं।

प्रदूषण में कमी लाने तथा स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ही Eco Friendly Diwali का नाम आता है।

इको फ्रेंडली दिवाली क्या है (What is Eco friendly Diwali in Hindi)

Eco friendly Diwali in Hindi

इको फ्रेंडली दिवाली का अर्थ है पर्यावरण को किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचाए बिना दिवाली को मनाना।

इको फ्रेंडली दिवाली के संदर्भ में लोगों से अनुरोध किया जाता है कि आप दिवाली के दौरान ऐसी चीजों का प्रयोग ना करें जो पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हो।

पटाखों को छोड़ने के अलावा ऐसे बहुत से तरीके हैं जिनसे हम दिवाली के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं यानि वातावरण को प्रदूषित करते है। 

इसका सीधा प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है और हम कई बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। साथ ही दिवाली के दौरान होने वाला अत्यधिक प्रदूषण ना सिर्फ हमें नुकसान पहुंचाता है बल्कि जानवरों के लिए भी हानिकारक होता है।

इसीलिए पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचने, जानवरों की सुरक्षा करने तथा स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए इको फ्रेंडली दिवाली को मनाया जाता है।

Eco Friendly Diwali को ग्रीन दिवाली (Green Diwali) भी कहा जाता है।

Eco Friendly Diwali के फायदे

  • पटाखों की आतिशबाजी से वातावरण में असंख्य दुआ फैलता है। इससे निजात मिलेगी और प्रदूषण में कमी आएगी।
  • कई पटाखे अत्यधिक तेज धमाके के साथ फूटते हैं (100 डेसीबल से ज्यादा) जो स्वर्ण क्षमता को कम करते हैं। कई बार व्यक्ति इन धमाकों को सुनकर बहरा भी हो जाता है। इको फ्रेंडली दिवाली मनाने से कानों पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  • देखा जाता है कि दीपावली के दौरान जानवरों तथा पक्षियों को अत्यधिक नुकसान पहुंचता है। इको फ्रेंडली दीपावली मनाने से इससे छुटकारा मिलेगा और जानवर व पक्षी बेचैन नहीं होंगे।
  • वैज्ञानिक अध्ययनों के मुताबिक पटाखों में कैल्शियम तथा शीशा जैसी भारी धातुएं होती है जो पटाखों को जलाने पर कई हानिकारक गैसें वातावरण में छोड़ती है। दिवाली को इको फ्रेंडली तरीके से मनाने पर वातावरण में हानिकारक गैस से नहीं मिलेंगी और इसका फायदा हम सभी को मिलेगा।
  • श्वास के रोग, अस्थमा जैसी कई बीमारियों में कमी आएगी क्योंकि यह बीमारियां प्रदूषण की वजह से ज्यादा फैलती है।

लोगों को इको फ्रेंडली दिवाली मनाने के लिए प्रेरित कैसे करें

  • लोगों को पर्यावरण प्रदूषण के बारे में बताएं और समझाएं कि यह हमारे लिए कितना खतरनाक है!
  • प्रदूषण का स्वास्थ्य पर प्रभाव के बारे में बताएं।
  • ग्रीन पटाखों के उपयोग के लिए प्रेरित करें.
  • मिलावटी वस्तुओं के नुकसान बताएं और उनको खरीदने से बचें.
  • पटाखों तथा अत्यधिक शोर के कारण जानवरों तथा पक्षियों पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों के बारे में बताएं.
  • लोगों को पर्यावरण तथा पृथ्वी के वायुमंडल के प्रति जागरूक बनाएं और समझाएं कि यह हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है।

इको फ्रेंडली दिवाली कैसे मनाएं – How to Celebrate Eco Friendly Diwali in Hindi

1. पटाखों का उपयोग कम करें / बंद करें

दिवाली पर सबसे ज्यादा प्रदूषण पटाखों को जलाने के कारण होता है. इको फ्रेंडली दिवाली मनाने के लिए आप सबसे पहले पटाखे ना फोड़ने का संकल्प लें.

दिवाली के समय बाजार में आए हजारों प्रकार के पटाखों की मोह माया से बचकर आप पर्यावरण को वायु तथा ध्वनि प्रदूषण मुक्त कराने में अपना सहयोग कर सकते हैं।

2. Green Crackers का Use करें

लोगों में पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण आजकल बाजार में कई प्रकार के ग्रीन पटाखे आने लगे हैं जो पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं यानि उनके उपयोग से वातावरण प्रदूषित नहीं होता है।

इको फ्रेंडली दिवाली मनाने के लिए आप अत्यधिक शोर तथा लाइट वाले पटाखों की बजाय ग्रीन पटाखों का उपयोग करें। इनसे ज्यादा शोर नहीं होगा और पर्यावरण को नुकसान भी नहीं पहुंचेगा।

3. लाइट्स के बजाय मिट्टी के दिये जलायें

दीपावली के दौरान लोग अपने घरों तथा प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए विभिन्न प्रकार की चाइनीज तथा अन्य लाइट्स का उपयोग करते हैं। इससे बिजली की खपत बढ़ती है।

अतः ग्रीन दिवाली के लिए पारंपरिक मिट्टी के दीपक को जलायें। 

4. रंगोली बनाने के लिए प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें

दिवाली के दौरान यह देखा जाता है कि लोग रंगोली बनाने के लिए केमिकल्स तथा कई रसायनों का प्रयोग करते हैं जो पर्यावरण तथा स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होते हैं।

केमिकल्स के रंगों की बजाए प्राकृतिक रंगों से रंगोली बनाना ग्रीन दिवाली के लिए एक उपयुक्त विकल्प है।

आप रंगोली को सजाने के लिए चावल, हल्दी तथा विभिन्न प्रकार के फूलों का प्रयोग कर सकते हैं। यह सभी बायोडिग्रेडेबल है यानि एक समय बाद इनका प्रभाव मिट जाता है और कोई नुकसान भी नहीं होता।

5. मिठाइयों को घर पर बनाएं

दीपावली के दौरान कई प्रकार के सामान पकवान मिलावटी बनाए जाते हैं जो स्वास्थ्य की दृष्टि से सही नहीं होते और नुकसान पहुंचाते हैं।

आप इको फ्रेंडली दिवाली के लिए मिठाइयों को घर पर ही तैयार करें। यह स्वादिष्ट भी होगी और इनका कोई विपरीत प्रभाव भी नहीं होगा।

6. खुद से गिफ्ट्स और क्राफ्ट्स तैयार करें

दीपावली पर गिफ्ट के लिए लोग बाजार से कई प्रकार के क्राफ्ट्स और अन्य सामान खरीदते हैं।

इसकी बजाय आप घर पर खुद से ऑनलाइन ट्यूटोरियल्स देखकर गिफ्ट और क्राफ्ट तैयार कर सकते हैं।


अब आपको ग्रीन दिवाली यानि इको फ्रेंडली दिवाली के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी।

अब आप की यह जिम्मेदारी बनती है कि अपने आसपास के लोगों को इको फ्रेंडली दिवाली के फायदों के बारे में बताएं और उन्हें इको फ्रेंडली दिवाली मनाने के लिए प्रोत्साहित करें।

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