(गणतंत्र दिवस) 26 जनवरी 2021 पर भाषण

क्या आप इस गणतंत्र दिवस पर भाषण देना चाहते हैं और आप 26 जनवरी के लिए भाषण ढूंढ रहे हैं तो यह लेख आपके लिए सही जगह है। यह अध्यापक द्वारा 26 जनवरी पर दिया गया भाषण है जिसे आप रिपब्लिक डे के अवसर पर 26 January 2021 Speech in Hindi के रूप में काम में ले सकते है।

26 January 2021 speech in hindi

यहाँ हम 26 जनवरी का भाषण लेकर आए हैं। इन भाषणों को आप अपनी स्कूल, कॉलेज या अन्य किसी गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में बोल सकते हैं।

गणतंत्र दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व है और इसे हर जगह बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है तो आइए देखते हैं इस अवसर पर आपके लिए शानदार भाषणों को…

26 January 2021 Speech in Hindi

सर्वप्रथम यहां उपस्थित सभी अध्यापकों, मेरे सहपाठियों, भाइयों बहनों, अभिभावकों और समस्त देशवासियों को मेरी तरफ से गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

मैं अपना गणतंत्र दिवस भाषण आरंभ करने से पहले विद्यालय प्रबंधन का धन्यवाद करना चाहूंगा जिन्होंने मुझे इस स्पेशल अवसर पर दो शब्द कहने के लिए मौका दिया। यह मेरे लिए बड़ी ही विशिष्ट बात है।

आज हम यहां विद्यालय प्रांगण में देश का 72वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। इसका मतलब है कि हमारे देश में संविधान लागू हुए 72 साल हो चुके हैं। यह हम सब देशवासियों के लिए बड़े ही गर्व की बात है कि हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।

संविधान की मूल प्रतियां जिन्हें प्रेम बिहारी नारायण रायजादा द्वारा हाथों से लिखा गया था, आज भी भारतीय संसद की लाइब्रेरी कक्ष में हीलियम से भरे केस में सुरक्षित रखी हुई है।

गणतंत्र दिवस हमें लोकतंत्र पर आधारित हमारे गणराज्य के आदर्शों और उन्हें अपनाने की याद दिलाता है।

गणतंत्र का अर्थ है जनता का शासन जनता के लिए अर्थात देश को चलाने वाले या प्रतिनिधित्व करने वाले लोग जनता के द्वारा चुने जाते हैं।

भले ही हमारा देश गणतंत्र है लेकिन आजादी के 70 से ज्यादा सालों के बावजूद आज भी हमारे सामने कई सारी समस्याएं हैं जो हल नहीं हो पाई हैं।

इन सब समस्याओं में सबसे बड़ी समस्या है भ्रष्टाचार की। यह एक ऐसी विषाद है जिसमें छोटे से छोटे बाबू को लेकर बड़े-बड़े अधिकारी और मंत्री तक सम्मिलित होते हैं। नेताओं के भ्रष्ट आचरण तथा हर स्तर पर भ्रष्टाचार के कारण आम आदमी न्याय की पहुंच से काफी दूर है। हालांकि यह विद्यालय का मंच है तो मैं इस बारे में ज्यादा नहीं बोलना चाहूंगा लेकिन वाकई में यह देश की सबसे बड़ी जटिल समस्याओं में से एक है।

हम सबको गणतंत्र दिवस के इस शुभ अवसर पर यह प्रण लेना चाहिए कि काम चाहे छोटा हो या बड़ा हम उस में भ्रष्ट आचरण नहीं अपनाएंगे यानि किसी भी अधिकारी को रिश्वत नहीं देंगे। कहा जाता है कि बूंद बूंद से घड़ा भर जाता है तो हमारे द्वारा की गई यह छोटी पहल भविष्य में बड़ा बदलाव ला सकती है।

आइए देश को आगे बढ़ाने की मुहिम में हाथ बंटायें और भारत को दुनिया का सबसे खुशहाल देश बनाएं। जय हिंद…जय भारत

26 जनवरी का भाषण हिंदी में

मंच पर उपस्थित सभी विद्वानों, मुख्य अतिथि, प्रधानाचार्य, अध्यापक गण को गणतंत्र दिवस की शुभ वेला पर मेरा प्रणाम। साथ ही मेरे सहपाठियों, भाइयों बहनों को मेरा नमस्कार।

आज हमारा देश गणतंत्र दिवस का 72 वा वर्ष मना रहा है। कण-कण में जोश भरा है, रग रग में उल्लास की लहरें दौड़ रही है, बच्चे जवान बुजुर्ग सभी जय भारत वंदे मातरम के नारे लगा रहे हैं।

यह दर्शाता है कि हमारा राष्ट्रीय पर्व देश की एकता में अनेकता को समझता है और यह लोगों के दिलों के कितना करीब है। आज हम गांव या मोहल्ले की किसी भी गली से गुजरे, हमें 26 जनवरी यानि गणतंत्र दिवस की आहट जरूर सुनाई देगी।

हर कोई इस बात में मगन है कि आज हमारा राष्ट्रीय पर्व है। यह हमारे कर्तव्य और दायित्वों को पुनः याद दिलाने का दिन है। इस दिन को लाने के लिए हजारों वीर सपूतों ने मातृभूमि की खातिर अपनी जान की बलिदानगी है।

एक वो आजादी के पहले का समय और एक आजादी के बाद का यह समय, कितना बदल चुका है। पहले लोग हर समय खुद को गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ महसूस करते थे लेकिन आज हर तरफ स्वतंत्रता की खुशी है। हर कोई जो चाहे वह कर सकता है। सब को सम्मान अधिकार प्रदान किए गए हैं। जात पात का भेद मिटा दिया गया है।

लेकिन हमें इस स्तर तक लाने के लिए हजारों वीर जवानों ने कई आंदोलन किए कई लड़ाइयां लड़ी तब जाकर देश को 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति मिली।

भले ही हम उस समय आजाद हो चुके थे लेकिन हमारे पास अपना खुद का संविधान नहीं था खुद का कानून नहीं भले ही हम उस समय आजाद हो चुके थे लेकिन हमारे पास अपना खुद का संविधान नहीं था, खुद का कानून नहीं था और हम ब्रिटिशों द्वारा बनाए गए कानून पर चल रहे थे।

ऐसे में भारत का खुद का संविधान बनाने की कवायद शुरू हुई। 2 साल, 11 माह और 18 दिन के बाद 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू किया गया।

उसी दिन से गणतंत्र दिवस मनाने की शुरुआत हुई। इस प्रकार आज देश में संविधान लागू हुए 71 वर्ष हो चुके हैं। इस बीच संविधान में कई संशोधन किए गए और उसे बेहतर बनाया गया।

आइए हम भी संविधान की मर्यादाओं का पालन करें और उन्हें अपनाते हुए भारत को आगे बढ़ाने का प्रयत्न करें, प्रतिज्ञा लें। वंदे मातरम, जय हिंद।

गणतंत्र दिवस पर भाषण

वंदे मातरम, विद्यालय सभागार में उपस्थित सभी जनों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

गणतंत्र दिवस के इस शुभ अवसर पर मैं … कक्षा नौ का छात्र, आपके समक्ष गणतंत्र दिवस का भाषण देने जा रहा हूँ।

आज हम परम हर्ष से 26 जनवरी का उत्सव मनाने के लिए यहां एकत्रित हुए हैं। यह दिन हमारे देश के लिए बड़ा ही महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि आज ही के दिन 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था। यह दिन भारतीय इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज है और इस दिन को लेकर हर भारतीय को गर्व महसूस होता है।

संविधान का अर्थ होता है “किसी राष्ट्र की शासन व्यवस्था के लिए बनाए गए आधारभूत नियम और कानून।”

दुनिया के लगभग हर देश के पास अपना एक संविधान है और इसी से कानून व्यवस्था तय की जाती है। देश का हर नागरिक संविधान का पालन करें, इसके लिए प्रशासन और पुलिस बल की व्यवस्था होती है।

कोई भी नागरिक कानून व्यवस्था यानि संविधान के नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे सजा दी जाती है। कानून देश के हर नागरिक पर समान रूप से लागू होता है, भले ही वो किसी उच्च पद पर क्यों ना हो।

देश की प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि ‛अनुशासन राष्ट्र का जीवन रक्त है।’ यह अनुशासन ही हमें संविधान के नियमों को मानने तथा सभ्य समाज को स्थापित करने में मदद करता है। अगर कोई व्यक्ति अनुशासन का पालन नहीं करता है तो उसे पशु की संज्ञा दी जाती है।

यदि प्रशासन, स्कूल, समाज, परिवार, हर नागरिक सभी जगह सब लोग अनुशासन में रहेंगे और अपने कर्त्तव्यों का पालन करेंगे, अपनी ज़िम्मेदारी समझेंगे तो कहीं भी किसी प्रकार की अवहेलना या अशांति नहीं होगी।

इस बात को इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि पृथ्वी सदैव अपनी धुरी पर घूमती है। सर्दी, गर्मी समेत हर मौसम समय पर आया करते हैं। इस प्रकार प्रकृति का चक्कर हमेशा निश्चित नियमों के अनुसार चलता है और इसमें कभी भी किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं आती है, ऐसे ही अगर हम अनुशासन और कायदों के अनुसार समाज को चलाएंगे तो यह समाज या समाज के लोग किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं करेंगे। अगर वह ऐसा करते हैं तो उनके लिए कठोर दंड देने वाली कानून व्यवस्था है ही।

गणतंत्र दिवस के शुभ घड़ी पर मैं आप सभी से इस बात का अनुरोध करता हूं कि हम सब अपने संविधान का पालन करें, जीवन में अनुशासन को लाएं और देश को सुख समृद्धि युक्त स्वर्ग के समान बनाएं। जय हिंद, जय भारत।

यह भी पढ़ें – गणतंत्र दिवस के लिए बधाई संदेश

गणतंत्र दिवस 2021 स्पीच इन हिंदी

आदरणीय प्रधानाचार्य, शिक्षक और मेरे प्यारे दोस्तों। मैं आपके समक्ष गणतंत्र दिवस 2021 पर भाषण देने के लिए हूं। मैं बहुत खुश और आभारी हूं कि मुझे दर्शकों के सामने खुद की भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर मिल रहा है।

भारतीय संविधान लागू होने के दिन को याद करने के लिए हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं। संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था। यह तारीख भारतीय इतिहास की एक ऐतिहासिक घटना है।

भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए नेताओं, महान विचारकों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों के द्वारा बहुत मेहनत की गई थी। हमारे संविधान में इस तरह के महान विचारों को शामिल करने के लिए डॉ भीमराव अम्बेडकर को धन्यवाद देते हैं। हमारा संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।

संविधान हमें न्याय, समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व, संप्रभुता और एकता को सिखाता है। आइए हम उन्हें अपनानें की शपथ लें और गांधीजी के अहिंसा के विचार को न भूलें। यह हमें हिंसक दुनिया में मजबूत खड़े होने की ताकत देता है। सब मिलकर हमारे देश को बेहतर से बेहतर स्थान बनाएं।

सरकार हर साल कई योजनाएं और एजेंडे लेकर आती हैं। हम ही उन्हें धरातल पर उतारने वाले लोग हैं। स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया, बेटी पढाओ बेटी बचाओ, उज्ज्वला योजनाएं जैसी कई आकर्षक और समाज सुधारक योजनाएं चलाई गई है। इनका असर हमें देखने को मिल रहा है।

हमारी भूमिकाएँ, हमारे कर्तव्य सरकार या प्रशासन से हमारी अपेक्षाओं से अधिक महत्वपूर्ण हैं। वैसे भी आखिर में देश को बनाने वाले नागरिक हम ही है।

युवा किसी भी देश की आत्मा होती है। हम विचारों को वास्तविकता में बदल सकते हैं, हमारे पास सिस्टम में बदलाव करने, नए लोगों को बनाने, बेहतर बनाने की सबसे अधिक ऊर्जा है।

आइये भ्रष्टाचार मुक्त, गरीबी मुक्त और विकसित समाज बनाने के लिए हम सभी हाथ मिलाएं और देश को आगे बढ़ायें। हम भारत का वर्तमान है और हम ही भारत का भविष्य हैं। धन्यवाद, जय भारत। वंदे मातरम

Republic Day 26 January Speech PDF Download Hindi

नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके आप 26 जनवरी की भाषण की पीडीएफ फाइल को डाउनलोड कर सकते हैं।

👉 26 January Republic Day Speech PDF

अगर आपको यह लेख पसंद आया है तो इसे अपने दोस्तों, स्कूल साथियों के साथ जरूर शेयर करें।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.